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दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे: नारियल तेल के चमत्कारी फायदे

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  दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे नारियल तेल के चमत्कारी फायदे दादी माँ का नुस्खा क्या है? नारियल से निकाला गया शुद्ध तेल आयुर्वेद में एक अत्यंत मूल्यवान और बहुपयोगी तेल माना जाता है। दादी माँ के नुस्खों में नारियल तेल का उपयोग बालों को घना और मजबूत बनाने, त्वचा को कोमल रखने, छोटे-मोटे घावों को भरने और शरीर की मालिश के लिए किया जाता था। उनका मानना था कि नारियल तेल सिर से लेकर पैर तक पूरे शरीर के लिए एक सरल, सुरक्षित और प्राकृतिक अमृत है। कैसे उपयोग करें? नारियल तेल को दादी माँ कई सरल तरीकों से उपयोग करने की सलाह देती थीं: सप्ताह में दो से तीन बार हल्का गुनगुना नारियल तेल बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगा कर मालिश करें। नहाने से पहले पूरे शरीर पर नारियल तेल की हल्की मालिश करने से त्वचा कोमल और चमकदार बनती है। फटे होंठ, खुरदुरी एड़ियाँ या सूखी त्वचा पर रात को सोने से पहले थोड़ा सा नारियल तेल लगाएँ। हल्की जलन या छोटे कट पर पतली परत के रूप में लगाया जा सकता है (बहुत गहरी चोट पर डॉक्टर की सलाह ले...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - मुलेठी के चमत्कारी फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा मुलेठी के चमत्कारी फायदे दादी माँ का नुस्खा क्या है? मुलेठी, जिसे आयुर्वेद में अत्यंत मूल्यवान जड़ी-बूटी माना जाता है, प्राचीन काल से दादी माँ के घरेलू नुस्खों में उपयोग होती आई है। मुलैठी की जड़ में प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं जो श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने, पाचन सुधारने और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। दादी माँ इसे सर्दी, खांसी, गले की खराश और पाचन संबंधी परेशानियों में अपनाने की सलाह दिया करती थीं। मुलेठी कैसे उपयोग करें? दादी माँ के सरल और सुरक्षित तरीके निम्नलिखित हैं: एक कप पानी में आधा इंच मुलैठी की छड़ी उबालकर पानी को छानकर गर्म-गर्म पीएं — यह गले और खांसी के लिए फायदेमंद है। यदि स्वाद कठोर लगे तो थोड़ा शहद मिलाकर लें (शहद केवल गर्म होने पर न मिलाएँ)। मुलेठी पाउडर को चाय में या हल्दी वाले दूध में थोड़ी मात्रा में मिला कर भी लिया जा सकता है। बच्चों को देने से पहले बालरोग विशेषज्ञ की सलाह लें और मात्राएं कम रखें। मुलेठी के प्रमुख ...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - शिलाजीत के चमत्कारी फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा शिलाजीत के चमत्कारी लाभ दादी माँ का नुस्खा क्या है? शिलाजीत पर्वतों की चट्टानों से निकलने वाला एक प्राकृतिक, अत्यंत मूल्यवान आयुर्वेदिक पदार्थ है। प्राचीन काल से दादी माँ इसे शरीर को शक्ति, स्फूर्ति, सहनशक्ति और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने वाला अद्भुत उपाय मानती थीं। यह शरीर को भीतर से मज़बूत बनाता है और जीवन शक्ति में वृद्धि करता है। शिलाजीत का उपयोग कैसे करें? शिलाजीत का सही ढंग से उपयोग करना आवश्यक है। दादी माँ के अनुसार: सुबह खाली पेट चना जितना शिलाजीत गर्म दूध या गुनगुने पानी में घोलकर लें। स्वाद भारी लगे तो इसमें थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है। शिलाजीत को रोज़ाना कम मात्रा में लेने से अधिक लाभ मिलता है। अत्यधिक मात्रा में लेने से बचें। शिलाजीत के प्रमुख लाभ 1. शरीर में ऊर्जा बढ़ाए शिलाजीत शरीर की थकान दूर कर शक्ति बढ़ाता है। यह दिन भर सक्रिय रहने में सहायता करता है। 2. हड्डियों और मांसपेशियों को मज़बूत बनाए आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत हड्डियों में बल उत्पन्न करता है और जोड़ों के दर्द में आरा...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - अलसी (Flax Seeds)के चमत्कारी फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा अलसी (Flax Seeds) के चमत्कारी फायदे दादी माँ का नुस्खा क्या है? अलसी के छोटे-छोटे बीज देखने में जितने साधारण लगते हैं, उतने ही ज्यादा शक्तिशाली और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। आयुर्वेद में अलसी को पाचन, दिल की सेहत, वजन नियंत्रण, त्वचा और बालों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। दादी माँ के नुस्खों में इसका उपयोग शरीर को गर्म रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कमजोरी दूर करने के लिए किया जाता था। अलसी कैसे उपयोग करें? सुबह खाली पेट 1 चम्मच अलसी पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें। सलाद, दही, ओट्स या दलिया में मिलाकर खाएँ। अलसी का चूर्ण गर्म दूध या पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं। आटे में थोड़ा-सा अलसी पाउडर मिलाकर रोटी बनाएँ। अलसी का तेल (Flaxseed Oil) बालों और स्किन पर लगाएँ। अलसी के प्रमुख फायदे 1. पाचन शक्ति बढ़ाए अलसी में भरपूर फाइबर होता है जो कब्ज, गैस और अपच की समस्या दूर करता है। 2. वजन घटाने में सहायक अलसी भूख को नियंत्रित करती है और मेटाबॉलिज़्म बढ़ाती है, जिससे वजन कम होता है। 3. ...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - गिलोय के फायदे

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  गिलोय (Tinospora cordifolia) — सम्पूर्ण परिचय व गिलोय जूस गिलोय क्या है? गिलोय, जिसे आयुर्वेद में अमृता, गुडूची या गिलोयवल्लरी के नाम से जाना जाता है, एक प्रमुख औषधीय बेल है। इसके पत्ते हृदय के आकार के होते हैं और इसका तना गांठदार दिखाई देता है। प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में गिलोय को “त्रिदोषनाशक” कहा गया है, यानी यह वात, पित्त और कफ तीनों को संतुलित करती है। गिलोय का महत्व भारत में गिलोय का उपयोग सदियों से किया जा रहा है। इसे जीवनशक्ति बढ़ाने वाली वनस्पति माना जाता है। इसके अंदर मौजूद प्राकृतिक यौगिक शरीर की प्रतिरक्षा को मजबूत बनाते हैं और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं। आधुनिक शोध ने भी यह पुष्टि की है कि गिलोय में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं। शरीर को होने वाले प्रमुख लाभ गिलोय का नियमित और नियंत्रित सेवन शरीर को कई स्तरों पर लाभ पहुंचाता है। यह संक्रमणों से रक्षा करता है, बुखार को कम करने में मदद करता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। मौसमी बीमारियों, सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के समय गिलोय का महत्व और अधिक बढ़ ज...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - त्रिफला खाने के चमत्कारी फायदे

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  त्रिफला — आयुर्वेद का प्राचीन और प्रभावशाली मिश्रण त्रिफला आयुर्वेद का एक अत्यंत लोकप्रिय और चमत्कारी औषधीय मिश्रण है, जिसका उपयोग हजारों वर्षों से शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखने के लिए किया जाता रहा है। यह तीन फलों — आंवला (Amla), हरितखी (Haritaki) और बिभीतकी (Bibhitaki) — के संयोजन से बनता है, और इन्हीं तीनों के गुणों का संतुलित मेल इसे विशेष बनाता है। दादी माँ के नुस्खों में त्रिफला का विशेष स्थान है क्योंकि यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है, शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, इम्यूनिटी मजबूत करता है और त्वचा तथा बालों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसे एक प्राकृतिक डिटॉक्स और स्वास्थ्य-वर्धक टॉनिक माना जाता है। त्रिफला के मुख्य लाभ पाचन सुधारता है: कब्ज, गैस और अपच को दूर करता है। शरीर का डिटॉक्स: आंतों से विषैले पदार्थ बाहर निकालता है। इम्यूनिटी बढ़ाता है: विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर। त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: स्किन ग्लो और हेयर स्ट्रेंथ बढ़ाता है। वज...

दादी माँ के नुस्खे: करी पत्ते के फायदे और घरेलू उपयोग

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  दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे — करी पत्ता के फायदे दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे — करी पत्ता (कैर्री लीव्स) के फायदे करी पत्ता रसोई का छोटा लेकिन बेहद गुणकारी पौधा है। दादी माँ के पारंपरिक नुस्खों में इसका उपयोग पाचन, बाल, त्वचा और ब्लड शुगर के लिए किया जाता है। करी पत्ते — मुख्य फायदे पाचन सुधार: गैस और अपच में सहायक। ब्लड शुगर में मदद: पारंपरिक नुस्खों में उपयोग। बालों के लिए लाभ: जड़ें मजबूत कर झड़ना कम करता है। एंटीऑक्सिडेंट: इम्यूनिटी बढ़ाता है। वजन नियंत्रण: मेटाबोलिज्म सुधार सकता है। घरेलू नुस्खे 1. करी पत्ता चाय 1) 8–10 करी पत्ते पानी में उबालें। 2) 5–7 मिनट पकाएँ। 3) छानकर शहद मिलाकर पिएँ। 2. बालों के लिए पेस्ट करी पत्ते का पेस्ट नारियल तेल में मिलाकर स्कैल्प पर लगाएँ। 30–60 मिनट बाद धो लें। 3. सूखे पत्तों का पाउडर सुबह–शाम आधा...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा: सहजन (ड्रमस्टिक) के चमत्कारी फायदे

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  सहजन (ड्रमस्टिक) की शेंगें — ताज़ी, पौष्टिक और आयुर्वेदिक लाभों से परिपूर्ण यह परिचय सहजन (ड्रमस्टिक) की शेंगों के बारे में है, जो अपने अद्भुत औषधीय गुणों, पोषक तत्वों और प्राकृतिक स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती हैं। सहजन की हरी-भरी शेंगें विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करती हैं। आयुर्वेद में सहजन को एक शक्तिवर्धक और पाचन-सुधारक सब्ज़ी माना गया है। इसे भारतीय रसोई में सब्ज़ी, सांभर, करी, सूप और दाल में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसका हल्का स्वाद और पौष्टिकता इसे रोज़ाना के भोजन के लिए उपयुक्त बनाते हैं। पाचन शक्ति बढ़ाता है: फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज दूर करता है। ऊर्जा और पोषण: आवश्यक विटामिन और मिनरल्स शरीर को ऊर्जा और ताकत देते हैं। इम्यूनिटी बढ़ाता है: एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। सहजन की शेंगें न केवल स्वादिष्ट होती हैं, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी भी ह...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – बादाम खाने के चमत्कारी फायदे

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  बादाम का परिचय बादाम एक अत्यंत पौष्टिक और ऊर्जा देने वाला ड्राई फ्रूट है, जिसे आयुर्वेद में “बुद्धिवर्धक, बलवर्धक और रोग प्रतिरोधक” माना गया है। यह छोटा सा दिखने वाला बादाम शरीर को भीतर से मजबूत बनाने की क्षमता रखता है। इसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन–E, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर, दिमाग और त्वचा—तीनों के लिए अत्यंत फायदेमंद हैं। दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खों में बादाम का विशेष स्थान इसलिए है क्योंकि यह दिमाग को तेज करता है, हृदय को मजबूत बनाता है, त्वचा को निखारता है और पाचन क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करता है। इसी कारण बादाम को प्राकृतिक सुपरफूड कहा जाता है। निष्कर्ष बादाम एक प्राकृतिक शक्ति देने वाला सुपरफूड है, जिसे आयुर्वेद में दिमाग, हृदय, त्वचा और पाचन शक्ति के लिए अत्यंत लाभदायक माना गया है। दादी माँ के नुस्खों के अनुसार यदि रोज सुबह भीगे हुए बादाम खाए जाएं, तो शरीर की कमजोरी दूर होती है, दिमाग तेज होता है और स्वास्थ्य में कई सकारात्मक बदलाव दिखाई देते हैं। इसलिए अपने दैनिक आहार में बादाम को जरूर...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा: पाचन शक्ति बढ़ाने के 10 घरेलू उपाय

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  पाचन शक्ति बढ़ाने का आयुर्वेदिक परिचय दादी माँ के अनुसार मजबूत पाचन शक्ति ही अच्छे स्वास्थ्य की नींव है। जब पाचन सही तरीके से काम करता है, तो शरीर हल्का, ऊर्जावान और रोगों से दूर रहता है। सौंफ, अदरक, तुलसी जैसे प्राकृतिक नुस्खे पाचन अग्नि को तेज़ कर गैस, कब्ज़ और एसिडिटी जैसी समस्याओं को आसानी से दूर करते हैं। इस लेख में हम ऐसे ही आसान और असरदार घरेलू उपाय जानेंगे। पाचन शक्ति बढ़ाने में कच्ची सब्ज़ियों का महत्व दादी माँ हमेशा कहती थीं कि कच्ची हरी सब्ज़ियाँ पेट को हल्का रखती हैं और आंतों की सफाई प्राकृतिक तरीके से करती हैं। कच्चा भोजन न सिर्फ फाइबर से भरपूर होता है, बल्कि इसमें मौजूद प्राकृतिक एंज़ाइम पाचन शक्ति को तुरंत बढ़ाते हैं। ब्रोकली, पालक, खीरा, गाजर और टमाटर जैसी सब्ज़ियों में विटामिन-C, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और पाचन-एंज़ाइम अधिक होते हैं। ये आंतों की सूजन कम करते हैं, गैस को रोकते हैं और पाचन अग्नि को तेज़ करते हैं। ब्रोकली – फाइबर से भरपूर, आंतों को साफ ...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – तुलसी के 10 चमत्कारी फायदे

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  दादी माँ आयुर्वेदिक नुस्खा तुलसी के फायदे तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं है — दादी माँ के अनुसार यह घर में रखा हुआ प्राकृतिक आयुर्वेदिक औषधि का खजाना है। इसमें एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इस पोस्ट में हम तुलसी के 10 प्रमुख फायदे और रोजमर्रा के आसान घरेलू नुस्खे जानेंगे। 1. सर्दी, खांसी और जुकाम में तुरंत आराम तुलसी की पत्तियाँ गले की खराश और खांसी में तुरंत राहत देती हैं। दादी माँ का नुस्खा: - 5–7 तुलसी पत्तियाँ - 1 छोटा टुकड़ा अदरक - 1 कप गर्म पानी इस मिश्रण को 5–7 मिनट उबालकर शहद मिलाएँ और पी लें। 2. इम्यूनिटी को बढ़ाती है तुलसी तुलसी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। सुबह खाली पेट 3–5 तुलसी पत्तियाँ चबाना अत्यंत लाभदायक होता है। 3. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद गैस, अपच और पेट दर्द की समस्या में तुलसी के गुण तुरंत असर दिखाते हैं। सरल उपाय: 6–8 तुलसी पत्तियाँ + एक चुटकी काला नमक + 1 चम्मच नींबू रस यह मिश्रण पाचन सुधारने में सहायक होता है। 4. तनाव दू...

दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे - शहद के फायदे

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  दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे - शहद के फायदे शहद (Honey) को आयुर्वेद में अमृत समान माना जाता है। दादी माँ के नुस्खों में शहद का उपयोग सेहत, त्वचा और पाचन के लिए सदियों से किया जाता है। शहद क्या है? शहद मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस से तैयार किया गया प्राकृतिक मीठा पदार्थ है जिसमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। शहद के फायदे 1. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है शहद शरीर को संक्रमण और वायरल रोगों से लड़ने में मदद करता है। 2. पाचन सुधारता है गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने से कब्ज, गैस और एसिडिटी में आराम मिलता है। 3. वजन कम करता है गुनगुना पानी + शहद + नींबू मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है जिससे वजन कम होता है। 4. खांसी और गले की जलन में राहत एक चम्मच शहद और एक चुटकी दालचीनी लेने से तुरंत आराम मिलता है। 5. त्वचा के लिए फायदेमंद शहद त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है और मुंहासों में राहत देता है। 6. घाव भरने में मदद शहद के एंटीबैक्टीरियल गुण छोटे कट और घाव भरने में सहायक होते हैं। 7. प्राकृतिक ऊर्जा देता है थकान में एक चम्मच शहद तत्काल ऊर्...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा: खांसी और सर्दी के घरेलू उपाय

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – खांसी और सर्दी के घरेलू उपाय 1. परिचय (Introduction) सर्दी और खांसी एक सामान्य समस्या है, जो मौसम बदलते समय अधिक होती है। दादी माँ के पुराने आयुर्वेदिक नुस्खे आज भी सबसे आसान, प्रभावी और सुरक्षित माने जाते हैं। इन घरेलू उपायों से बिना किसी साइड इफेक्ट के राहत मिलती है। 2. अदरक-शहद का नुस्खा (Ginger-Honey Remedy) अदरक और शहद का मिश्रण खांसी में सबसे असरदार माना जाता है। कैसे बनाएं: 1 चम्मच अदरक का रस लें उसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं दिन में 2–3 बार सेवन करें फायदे: गले की जलन ठीक होती है सूखी खांसी में तुरंत राहत 3. तुलसी का काढ़ा (Tulsi Kadha) तुलसी की पत्तियाँ प्राकृतिक एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुणों वाली होती हैं। सामग्री: 5–7 तुलसी की पत्तियाँ 1 छोटा टुकड़ा अदरक 1 चम्मच शहद कैसे बनाएं: पानी उबालें तुलसी और अदरक डाल दें 5 मिनट उबलने दें गुनगुना होने पर शहद मिलाकर पिएँ फायदे: ठंड-ज़ुकाम में जल्दी आराम इम्युनिटी बढ़ाता है 4. हल्दी वाला दूध (Turmeric Milk) हल्दी आयुर्वेद ...

दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे: लहसुन के फायदे

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  दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे लहसुन के फायदे लहसुन हमारे रसोईघर का एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि है। दादी माँ के पारंपरिक नुस्खों में लहसुन को स्वास्थ्य सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कई बीमारियों से बचाव करने वाला माना गया है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, एंटीबायोटिक और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। लहसुन के प्रमुख फायदे दिल को स्वस्थ रखता है — लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल घटता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है। यह हार्ट अटैक और हृदय सम्बन्धी जोखिम कम करने में मदद करता है। रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है — लहसुन शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है और सर्दी-जुकाम व वायरल इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है। पाचन सुधारता है — लहसुन गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक है। खाली पेट सेवन करने से पाचन क्रिया बेहतर होती है। वजन नियंत्रण में मदद — लहसुन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और फैट बर्निंग में सहायक हो सकता है। शुगर लेवल नियंत्रित रखता है — डायबिटीज के मरीजों में लहसुन ब्लड शुगर बैलेंस रखने में ...

अश्वगंधा के फायदे | दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे

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अश्वगंधा के फायदे — दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे अश्वगंधा (Withania somnifera) आयुर्वेद की प्रसिद्ध औषधीय जड़ी-बूटी है। इसे रसायनशास्त्र में एक शक्तिशाली टॉनिक माना जाता है। दादी माँ के नुस्खों में अश्वगंधा का विशेष स्थान रहा है — थकान, तनाव, नींद संबंधी समस्याएँ व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इसे वर्षों से उपयोग किया जाता रहा है। किसके लिए फायदेमंद? थकान या कमजोरी महसूस करने वाले लोग तनाव और चिंता से परेशान लोग नींद न आने की समस्या वाले कमजोर इम्यून सिस्टम वाले बच्चे-बूढ़े अश्वगंधा के प्रमुख फायदे तनाव और चिंता कम करती है: यह एक प्राकृतिक adaptogen है। बेहतर नींद: अनिद्रा में आराम देती है। ऊर्जा और ताकत बढ़ाती है: थकान कम कर दिनभर सक्रिय रखती है। इम्यूनिटी बढ़ाती है: सर्दी-खांसी जैसी छोटी बीमारियों से बचाती है। मेमोरी और दिमाग की क्षमता: ध्यान और स्मरण शक्ति में सुधार कर सकती है। हॉर्मोनल संतुलन: पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक। दादी माँ के आसान घरेलू नुस्खे 1) अश्वगंधा दूध सामग्री: 1 कप दूध, 1 चम्मच अश्वगं...

चेहरे पर ग्लो लाने के घरेलू उपाय | दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे

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  चेहरे पर ग्लो लाने के घरेलू उपाय - दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे चेहरे पर नैचुरल ग्लो लाने के लिए दादी माँ के नुस्खे आज भी सबसे सुरक्षित और असरदार माने जाते हैं। इन नुस्खों में केमिकल नहीं होते और यह त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। हल्दी, दही, एलोवेरा, शहद जैसे प्राकृतिक उपाय त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं। अदरक (अद्रक) में ऐंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा की नसों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर नैचुरल ग्लो लाने में हल्की-सी मदद करते हैं, इसलिए दादी माँ कई बार इसे स्किन हेल्थ के लिए भी सुझाती थीं। 1. हल्दी + दही फेसपैक हल्दी त्वचा की गंदगी और टैनिंग हटाती है, जबकि दही त्वचा को मॉइस्चर देता है। 👉 एक चम्मच दही में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर 15 मिनट लगाएँ। 2. बेसन + नींबू फेसपैक बेसन त्वचा की डेड स्किन हटाता है और नींबू चेहरे को साफ व ब्राइट बनाता है। 👉 हफ्ते में 2 बार लगाएँ। 3. कच्चा दूध + गुलाबजल कच्चा दूध नैचुरल क्लेंज़र है और गुलाबजल त्वचा को ठंडक देता है। 👉 रात को कॉटन से चेहरे पर लगाएँ और सो जाएँ। 4. एलोवेरा जेल एलोवेरा त्वचा को ठंडक देता...

अदरक(Ginger) के फायदे: पाचन, इम्युनिटी और स्वास्थ्य के लिए सही उपयोग

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  अदरक के फायदे: सेहत के लिए उपयोग, सही तरीका और सावधानियां अदरक के फायदे (Adrak ke Fayde) अदरक हमारी रसोई में आसानी से मिलने वाली एक उपयोगी जड़ है। आयुर्वेद में अदरक को शरीर के संतुलन के लिए सहायक माना गया है। इसी कारण लोग अदरक के फायदे और ginger benefits in hindi जैसे विषयों को अक्सर खोजते हैं। अदरक क्या है? अदरक एक सुगंधित और तीखे स्वाद वाली जड़ है, जिसे अंग्रेज़ी में Ginger कहा जाता है। यह भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू उपायों में भी इस्तेमाल की जाती है। अदरक के प्रमुख फायदे 1. पाचन को बेहतर रखने में सहायक अदरक पेट की कार्यप्रणाली को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है। हल्की गैस, अपच और पेट भारी लगने की स्थिति में अदरक का सीमित सेवन उपयोगी माना जाता है। 2. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार अदरक शरीर को मौसम के बदलाव के दौरान मजबूत बनाए रखने में सहायक हो सकती है। 3. सर्दी और खांसी में अदरक का उपयोग अदरक से बनी चाय या काढ़ा गले की परेशानी और ठंड के मौसम में आराम देने में सहायक माना जाता है। 4. ...