दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - मुलेठी के चमत्कारी फायदे


 

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा
मुलेठी के चमत्कारी फायदे

दादी माँ का नुस्खा क्या है?

मुलेठी, जिसे आयुर्वेद में अत्यंत मूल्यवान जड़ी-बूटी माना जाता है, प्राचीन काल से दादी माँ के घरेलू नुस्खों में उपयोग होती आई है। मुलैठी की जड़ में प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं जो श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने, पाचन सुधारने और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं। दादी माँ इसे सर्दी, खांसी, गले की खराश और पाचन संबंधी परेशानियों में अपनाने की सलाह दिया करती थीं।

मुलेठी कैसे उपयोग करें?

दादी माँ के सरल और सुरक्षित तरीके निम्नलिखित हैं:

  • एक कप पानी में आधा इंच मुलैठी की छड़ी उबालकर पानी को छानकर गर्म-गर्म पीएं — यह गले और खांसी के लिए फायदेमंद है।
  • यदि स्वाद कठोर लगे तो थोड़ा शहद मिलाकर लें (शहद केवल गर्म होने पर न मिलाएँ)।
  • मुलेठी पाउडर को चाय में या हल्दी वाले दूध में थोड़ी मात्रा में मिला कर भी लिया जा सकता है।
  • बच्चों को देने से पहले बालरोग विशेषज्ञ की सलाह लें और मात्राएं कम रखें।

मुलेठी के प्रमुख फायदे

1. खाँसी और गले की शिकायतों में आराम

मुलेठी गले की खराश और खांसी को शांत करने वाली गुणों से समृद्ध है। यह बलगम को ढीला कर खांसने में मदद करता है।

2. पाचन शक्ति सुधारता है

यह पेट की एसिडिटी और अपच को कम करने में सहायक होता है तथा आंतों के कार्य को सामान्य बनाता है।

3. इम्युनिटी बढ़ाता है

मुलेठी में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और अन्य घटक होते हैं जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति को बेहतर बनाते हैं।

4. त्वचा की समस्याओं में लाभकारी

परंपरागत उपयोग में मुलेठी त्वचा को शांत करने और सूजन घटाने के लिए प्रयोग होती रही है — यह त्वचा के संक्रमणों में सहायक हो सकती है।

5. स्तनपान और श्वसन तंत्र के लिए सहायक

यह श्वसन मार्ग को साफ रखने और फेफड़ों के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकती है।

सावधानियाँ

  • अतिरिक्त मात्रा में मुलेठी लेने पर रक्त में सोडियम बढ़ सकता है और ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है।
  • उच्च रक्तचाप या हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों को मुलेठी प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को बिना चिकित्सकीय सलाह के मुलेठी न लें।
  • लगातार और लंबे समय तक अधिक मात्रा में उपयोग करने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं — हमेशा निर्देशित मात्रा का पालन करें।

निष्कर्ष

मुलेठी एक बहुपयोगी औषधीय जड़ी-बूटी है जो परंपरा में दादी माँ के नुस्खों का हिस्सा रही है। सही मात्रा और शुद्ध स्रोत से उपयोग करने पर यह गले, पाचन और त्वचा सहित कई स्वास्थ्य लाभ देती है। परंतु किसी भी जड़ी-बूटी की तरह मुलेठी भी संयम के साथ और आवश्यक सावधानियाँ लेकर ही उपयोग करनी चाहिए।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या मुलेठी रोज़ ली जा सकती है?

छोटी मात्रा में सीमित काल के लिए लिया जा सकता है, पर चिकित्सा परामर्श के बिना लंबी अवधि उपयुक्त नहीं है।

2. मुलेठी और शहद साथ में ले सकते हैं?

हाँ, स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में शहद मिलाया जा सकता है, पर शहद गर्म अवस्था में डालने से उसके गुण घट सकते हैं।

3. क्या उच्च रक्तचाप वाले लोग मुलेठी ले सकते हैं?

उच्च रक्तचाप या हृदय रोग वाले लोगों को पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा से रक्तचाप प्रभावित हो सकता है।

4. मुलेठी बच्चों को दे सकते हैं?

बच्चों के लिए मात्राएँ कम रखें और पहले बालरोग विशेषज्ञ से सलाह लें।

लेखक : N. S. Kale

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