दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - शिलाजीत के चमत्कारी फायदे


 

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा
शिलाजीत के चमत्कारी लाभ

दादी माँ का नुस्खा क्या है?

शिलाजीत पर्वतों की चट्टानों से निकलने वाला एक प्राकृतिक, अत्यंत मूल्यवान आयुर्वेदिक पदार्थ है। प्राचीन काल से दादी माँ इसे शरीर को शक्ति, स्फूर्ति, सहनशक्ति और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने वाला अद्भुत उपाय मानती थीं। यह शरीर को भीतर से मज़बूत बनाता है और जीवन शक्ति में वृद्धि करता है।

शिलाजीत का उपयोग कैसे करें?

शिलाजीत का सही ढंग से उपयोग करना आवश्यक है। दादी माँ के अनुसार:

  • सुबह खाली पेट चना जितना शिलाजीत गर्म दूध या गुनगुने पानी में घोलकर लें।
  • स्वाद भारी लगे तो इसमें थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है।
  • शिलाजीत को रोज़ाना कम मात्रा में लेने से अधिक लाभ मिलता है।
  • अत्यधिक मात्रा में लेने से बचें।

शिलाजीत के प्रमुख लाभ

1. शरीर में ऊर्जा बढ़ाए

शिलाजीत शरीर की थकान दूर कर शक्ति बढ़ाता है। यह दिन भर सक्रिय रहने में सहायता करता है।

2. हड्डियों और मांसपेशियों को मज़बूत बनाए

आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत हड्डियों में बल उत्पन्न करता है और जोड़ों के दर्द में आराम देता है।

3. रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

शिलाजीत में पाए जाने वाले गुण शरीर को रोगों के विरुद्ध मज़बूत करते हैं और संक्रमण से बचाते हैं।

4. दिमाग की शक्ति और याददाश्त बढ़ाए

यह मानसिक थकावट दूर करता है तथा एकाग्रता और स्मरण शक्ति को बढ़ाने में सहायक है।

5. पुरुष शक्ति और प्रजनन क्षमता में सुधार

शिलाजीत को पुरातन काल से शक्ति, ओज और बल बढ़ाने वाला उत्तम टॉनिक माना गया है।

6. शरीर का शुद्धिकरण करता है

यह शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में सहायता करता है और पाचन सुधारता है।

सावधानियाँ

  • हमेशा शुद्ध और असली शिलाजीत ही लें। मिलावटी शिलाजीत हानिकारक हो सकता है।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह इसे नहीं लेना चाहिए।
  • यदि किसी प्रकार की दवा चल रही हो तो पहले चिकित्सक से परामर्श लें।
  • अधिक मात्रा लेने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है—हमेशा सीमित मात्रा में ही सेवन करें।

निष्कर्ष

शिलाजीत आयुर्वेद का अत्यंत प्रभावशाली प्राकृतिक उपहार है। दादी माँ इसे बल, ऊर्जा, प्रतिरोधक क्षमता और दीर्घायु बढ़ाने वाले चमत्कारी पदार्थ के रूप में मानती थीं। नियमित और सही मात्रा में उपयोग करने से यह शरीर और मन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। परंतु इसे हमेशा शुद्ध स्रोत से ही प्राप्त करें और आवश्यक होने पर चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या शिलाजीत रोज़ लिया जा सकता है?

हाँ, परंतु कम मात्रा में। अधिक मात्रा लेना उचित नहीं है।

2. शिलाजीत कब लेना चाहिए?

सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले लेना अधिक लाभदायक माना जाता है।

3. क्या शिलाजीत बच्चों को दिया जा सकता है?

बच्चों को देने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

4. क्या शिलाजीत दवाओं के साथ लिया जा सकता है?

यदि आप किसी दवा का सेवन कर रहे हों, तो पहले डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है।

लेखक : N. S. Kale

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