अश्वगंधा के फायदे | दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे
अश्वगंधा के फायदे — दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे
अश्वगंधा (Withania somnifera) आयुर्वेद की प्रसिद्ध औषधीय जड़ी-बूटी है। इसे रसायनशास्त्र में एक शक्तिशाली टॉनिक माना जाता है। दादी माँ के नुस्खों में अश्वगंधा का विशेष स्थान रहा है — थकान, तनाव, नींद संबंधी समस्याएँ व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इसे वर्षों से उपयोग किया जाता रहा है।
किसके लिए फायदेमंद?
- थकान या कमजोरी महसूस करने वाले लोग
- तनाव और चिंता से परेशान लोग
- नींद न आने की समस्या वाले
- कमजोर इम्यून सिस्टम वाले बच्चे-बूढ़े
अश्वगंधा के प्रमुख फायदे
- तनाव और चिंता कम करती है: यह एक प्राकृतिक adaptogen है।
- बेहतर नींद: अनिद्रा में आराम देती है।
- ऊर्जा और ताकत बढ़ाती है: थकान कम कर दिनभर सक्रिय रखती है।
- इम्यूनिटी बढ़ाती है: सर्दी-खांसी जैसी छोटी बीमारियों से बचाती है।
- मेमोरी और दिमाग की क्षमता: ध्यान और स्मरण शक्ति में सुधार कर सकती है।
- हॉर्मोनल संतुलन: पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक।
दादी माँ के आसान घरेलू नुस्खे
1) अश्वगंधा दूध
सामग्री: 1 कप दूध, 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर, आधा चम्मच शहद (इच्छानुसार)।
विधि: दूध में अश्वगंधा डालकर 2–3 मिनट उबालें। गुनगुना होने पर पिएं।
कब लें: रात को सोने से 30 मिनट पहले।
2) अश्वगंधा–तुलसी काढ़ा
2 चम्मच अश्वगंधा और 5–6 तुलसी पत्ते उबालकर दिन में 1 बार लें — इम्यूनिटी के लिए अच्छा।
3) अश्वगंधा चूर्ण सुबह
½ चम्मच अश्वगंधा चूर्ण गुड़ के साथ सुबह लें — थकान के लिए फायदेमंद।
खुराक के सुझाव
- 3–6 ग्राम (½–1 चम्मच) रोज़ाना सामान्य खुराक।
- कैप्सूल फॉर्म में लेबल पर दिए निर्देश मानें।
- गर्भवती महिलाएँ डॉक्टर से पूछकर ही लें।
सावधानियाँ
- कुछ लोगों को गैस या हल्की पाचन समस्या हो सकती है — कम मात्रा से शुरू करें।
- थायरॉइड वाले डॉक्टर से सलाह लें।
- एलर्जी या असुविधा होने पर सेवन बंद करें।
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या रोज़ लेना सुरक्षित है?
कम मात्रा में नियमित लेना अधिकतर सुरक्षित माना जाता है।
2. बच्चों को दे सकते हैं?
केवल डॉक्टर की सलाह पर।
3. असर कब दिखता है?
2–6 सप्ताह में नियमित उपयोग से परिणाम दिखते हैं।
निष्कर्ष
अश्वगंधा दादी माँ के नुस्खों में एक प्रिय औषधी है। सही मात्रा और सही तरीके से लेने पर यह तनाव, नींद, ऊर्जा और इम्यूनिटी में अच्छा लाभ देती है।
लेखक :- N.S.Kale
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