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आँवला जूस पीने के फायदे | Indian Gooseberry Juice Benefits

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - आँवला (Indian Gooseberry) जूस पीने के फायदे दादी माँ का नुस्खा क्या है? आँवला, जिसे अंग्रेज़ी में Indian Gooseberry कहा जाता है, आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली औषधियों में से एक है। दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में आँवला जूस का उपयोग इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने के लिए किया जाता रहा है। आँवला जूस कैसे उपयोग करें? 20–30 ml ताजा आँवला जूस लें इसे बराबर मात्रा में पानी मिलाकर पिएं सुबह खाली पेट पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है स्वाद के लिए शहद की कुछ बूंदें मिला सकते हैं आँवला जूस पीने के फायदे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है बालों का झड़ना कम करता है और बालों को मजबूत बनाता है त्वचा को साफ और चमकदार बनाता है ब्लड शुगर (मधुमेह) को नियंत्रित करने में सहायक आंखों की रोशनी के लिए लाभदायक वजन घटाने में मदद करता है आँवला जूस पीने में सावधानियां ज्यादा मात्रा में जूस न पिएं लो ब्लड प्रेशर वालों को सावधानी रखनी चाहिए पेट में ज्...

अलसी(Flaxseeds) और मधुमेह (Diabetes) | ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए आयुर्वेदिक नुस्खा

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - अलसी (Flax Seeds) और मधुमेह (Diabetes) दादी माँ का नुस्खा क्या है? अलसी, जिसे अंग्रेज़ी में Flax Seeds कहा जाता है, आयुर्वेद की एक बहुत ही गुणकारी बीज है। दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में अलसी का उपयोग मधुमेह (डायबिटीज), पाचन समस्या और जोड़ों के दर्द में किया जाता रहा है। आयुर्वेद मानता है कि सही मात्रा और सही तरीके से अलसी का सेवन करने से ब्लड शुगर को संतुलन में रखने में मदद मिल सकती है। अलसी का उपयोग कैसे करें? अलसी को हल्का भूनकर पीस लें रोज 1 चम्मच अलसी पाउडर का सेवन करें गुनगुने पानी या दही के साथ लेना बेहतर होता है सलाद या सब्जी पर छिड़क कर भी खा सकते हैं मधुमेह में अलसी के फायदे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद पाचन तंत्र को मजबूत करता है वजन नियंत्रण में सहायक, जो मधुमेह में जरूरी है खराब कोलेस्ट्रॉल कम करता है दिल की सेहत के लिए फायदेमंद अलसी सेवन में सावधानियां दिन में 1–2 चम्मच से ज्यादा अलसी न लें कच्ची अलसी ज्यादा मात्रा में न खाएं ...

अलसी(Flaxseed) खाने का सही समय | दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - अलसी खाने का सही समय दादी माँ का नुस्खा क्या है? अलसी (Flaxseed) को आयुर्वेद में बहुत ही गुणकारी बीज माना गया है। दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में अलसी का उपयोग पाचन सुधारने, जोड़ों के दर्द में राहत और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन अलसी का पूरा लाभ तभी मिलता है, जब इसे सही समय पर खाया जाए। अलसी कैसे उपयोग करें? अलसी को हल्का भूनकर पीस लें पिसी हुई अलसी को ताजे रूप में इस्तेमाल करें अलसी पाउडर को गुनगुने पानी, दूध या दही के साथ ले सकते हैं सलाद या सब्जी पर छिड़क कर भी सेवन किया जा सकता है अलसी खाने का सही समय सुबह खाली पेट: पाचन और वजन घटाने के लिए सबसे अच्छा समय दोपहर में: जोड़ों के दर्द और सूजन में लाभकारी रात को: कब्ज और पाचन समस्या वालों के लिए उपयोगी अलसी खाने के फायदे पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है कब्ज की समस्या दूर करती है वजन घटाने में मदद करती है दिल को स्वस्थ रखती है जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत देती है त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद महिलाओं के ह...

हल्दी वाला दूध पीने के फायदे | दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - हल्दी वाला दूध पीने के फायदे दादी माँ का नुस्खा क्या है? हल्दी वाला दूध, जिसे आम भाषा में गोल्डन मिल्क (Golden Milk) भी कहा जाता है, दादी-नानी के समय से इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक नुस्खा है। हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन और दूध के पोषक तत्व मिलकर शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। हल्दी वाला दूध कैसे उपयोग करें? एक कप दूध हल्का गर्म करें उसमें आधा चम्मच शुद्ध हल्दी डालें अच्छी तरह उबालकर हल्का ठंडा करें रात को सोने से पहले पिएं हल्दी वाला दूध पीने के फायदे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत देता है सर्दी, खांसी और गले की खराश में लाभकारी नींद अच्छी लाने में मदद करता है पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है चोट या अंदरूनी सूजन को जल्दी ठीक करता है त्वचा को निखारने में सहायक हल्दी वाला दूध पीने में सावधानियां हल्दी ज्यादा मात्रा में न डालें पित्त की समस्या वालों को सीमित मात्रा लेनी चाहिए एलर्जी या गंभीर बीमारी में डॉक्टर से सलाह लें डायबिटीज ...

ब्राम्ही (Brahmi) के फायदे......

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - ब्राम्ही (Brahmi) के फायदे दादी माँ का नुस्खा क्या है? ब्राम्ही, जिसे इंग्लिश में Brahmi और वैज्ञानिक भाषा में Bacopa monnieri कहा जाता है, एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है। यह पौधा प्राचीन समय से दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में दिमाग तेज करने, याददाश्त बढ़ाने और मानसिक शांति पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेद में ब्राम्ही को मेधा वर्धक कहा गया है, यानी यह बुद्धि, स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है। ब्राम्ही (Brahmi) का उपयोग कैसे करें? ब्राम्ही पाउडर: आधा चम्मच ब्राम्ही पाउडर शहद या गुनगुने पानी के साथ लें। ब्राम्ही रस: 10–20 ml ब्राम्ही का रस सुबह खाली पेट लेना लाभकारी होता है। ब्राम्ही कैप्सूल: बाजार में उपलब्ध कैप्सूल डॉक्टर की सलाह से लें। ब्राम्ही तेल: सिर पर मालिश करने से दिमाग शांत रहता है और बाल मजबूत होते हैं। ब्राम्ही के फायदे याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है तनाव, चिंता और मानसिक थकान कम करता है डिप्रेशन और बेचैनी में लाभकारी नींद न आने (Ins...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – गुनगुना पानी पीने के फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - गुनगुना पानी (Warm Water) पीने के फायदे दादी माँ के घरेलू नुस्खों में गुनगुना पानी पीना एक बहुत ही सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय माना जाता है। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से शरीर के अंदरूनी अंग सक्रिय होते हैं और कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ का यह नुस्खा है कि रोज सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी धीरे-धीरे पिया जाए। आयुर्वेद के अनुसार गुनगुना पानी शरीर की पाचन अग्नि को बढ़ाता है और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। कैसे उपयोग करें? सुबह उठते ही खाली पेट एक गिलास गुनगुना पानी पिएँ पानी ज्यादा गर्म न हो, हल्का गुनगुना होना चाहिए चाहें तो इसमें 2–3 बूंद नींबू का रस मिला सकते हैं पानी पीने के बाद 20–30 मिनट तक कुछ न खाएँ गुनगुना पानी पीने के फायदे पाचन शक्ति मजबूत होती है कब्ज और गैस की समस्या में राहत मिलती है शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं वजन घटाने में सहायक होता है त्वचा साफ और चमकदार बनती है मेटाबॉलिज्म तेज होता है सावधानियां बहुत ज्याद...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – किशमिश (Raisins) खाने के फायदे और उपयोग

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - किशमिश (Raisins) खाने के फायदे भारतीय आयुर्वेद में दादी माँ के घरेलू नुस्खों का बहुत बड़ा महत्व है। ऐसे ही एक सरल, सस्ता और प्रभावी नुस्खा है किशमिश (Raisins) का सेवन। किशमिश सूखे हुए अंगूर होते हैं, जो सेहत के लिए अमृत समान माने जाते हैं। दादी माँ के अनुसार, रोज सही तरीके से किशमिश खाने से कई बीमारियों से बचाव हो सकता है। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा कहता है कि किशमिश (Raisins) को सिर्फ खाने से ज्यादा जरूरी है उसे सही तरीके से खाना। आयुर्वेद में किशमिश को शीतल, पौष्टिक और रक्तवर्धक माना गया है। दादी माँ का नुस्खा है – रात को 8–10 अच्छी गुणवत्ता वाली किशमिश साफ पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट उन्हें चबाकर खाएं और वही पानी पी लें। किशमिश (Raisins) का उपयोग कैसे करें? किशमिश खाने के कई तरीके हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार कुछ खास तरीके ज्यादा फायदेमंद होते हैं। भीगी हुई किशमिश: रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाना सबसे अच्छा तरीका है। दूध के साथ किशमिश: कमजोरी और थकान में फायदेमंद। ...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - लवंग (Clove) खाने के फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – लवंग (Clove) खाने के फायदे लवंग एक छोटी-सी दिखने वाली लेकिन बहुत ही ताकतवर आयुर्वेदिक औषधि है। दादी-नानी के समय से लवंग का उपयोग सर्दी-खांसी, दांत दर्द, पाचन और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। आयुर्वेद में लवंग को गर्म तासीर वाला माना गया है, जो शरीर के कई रोगों में लाभकारी है। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ का मानना था कि रोजाना 1–2 लवंग सही तरीके से सेवन करने से शरीर अंदर से मजबूत होता है। लवंग में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। लवंग का उपयोग कैसे करें? सुबह खाली पेट 1 लवंग चबाएं सर्दी-खांसी में लवंग को गर्म पानी में उबालकर पिएं दांत दर्द में लवंग को मुंह में दबाकर रखें गैस और अपच में लवंग पाउडर को गुनगुने पानी के साथ लें लवंग खाने के फायदे सर्दी, खांसी और जुकाम में राहत देता है दांत दर्द और मुंह की बदबू दूर करता है पाचन शक्ति मजबूत करता है गैस, एसिडिटी और पेट दर्द में लाभकारी इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है गले की खराश में ...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - पपीता (Papaya) खाने के फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - पपीता (Papaya) खाने के फायदे पपीता (Papaya) एक ऐसा फल है जिसे आयुर्वेद में औषधि के रूप में माना गया है। दादी माँ के घरेलू नुस्खों में पपीता पाचन, पेट की समस्याओं और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ के अनुसार पका हुआ पपीता (Papaya) नियमित रूप से खाने से शरीर के अंदर की गंदगी साफ होती है और पाचन तंत्र मजबूत बनता है। आयुर्वेद में पपीता को त्रिदोष नाशक माना गया है, खासकर वात और कफ दोष में यह बहुत लाभकारी है। पपीता (Papaya) का उपयोग कैसे करें? सुबह खाली पेट: 1 कटोरी पका हुआ पपीता खाली पेट खाने से कब्ज दूर होती है। सलाद के रूप में: दोपहर के भोजन में Papaya सलाद के रूप में लिया जा सकता है। पपीता स्मूदी: दूध या पानी के साथ पपीता ब्लेंड करके पी सकते हैं। पपीता बीज: सूखे पपीता बीज पेट के कीड़ों में लाभकारी होते हैं। पपीता (Papaya) खाने के फायदे पाचन शक्ति मजबूत करता है कब्ज और गैस की समस्या दूर करता है वजन कम करने में सहायक इम्युनिटी बढ़ाने में मदद क...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - ठंड से बचने का सबसे असरदार तरीका

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – ठंड से बचने का सबसे असरदार तरीका सर्दियों में शरीर को गर्म रखना, प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाना और बीमारियों से बचना बहुत जरूरी होता है। दादी माँ के घरेलू नुस्खे ठंड से बचाव के लिए बेहद असरदार माने जाते हैं। यह पोस्ट उसी पारंपरिक ज्ञान पर आधारित है। दादी माँ का यह नुस्खा क्या है? ठंड से बचने के लिए दादी माँ हमेशा ऐसे घरेलू और प्राकृतिक उपाय बताती थीं, जो शरीर की गर्मी बढ़ाते हैं, खून का संचार सुधारते हैं और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इन नुस्खों का कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता और इन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपनाया जा सकता है। कैसे उपयोग करें? १. अदरक और गुड़ का काढ़ा एक कप पानी में अदरक, तुलसी और काली मिर्च उबालें। आंच से उतारकर इसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाएँ। रोज रात को सोने से पहले पिएँ। २. सरसों के तेल की मालिश सरसों के तेल को हल्का गुनगुना करें। पैरों, हथेलियों, छाती और पीठ पर मालिश करें। यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है। ३. हर्बल चाय तुलसी, दालचीनी, लौंग, अदरक उबालकर चाय पिएं। यह गले को गर्म रखती है ...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – सफेद मुसली खाने के फायदे (White Musli Benefits)

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – सफेद मुसली (White Musli) खाने के फायदे सफेद मुसली (White Musli) आयुर्वेद में एक बेहद दुर्लभ और शक्तिवर्धक जड़ी-बूटी मानी जाती है। दादी माँ के नुस्खों में इसका उपयोग ताकत बढ़ाने, कमजोरी दूर करने, पुरुष शक्ति सुधारने, हड्डियों को मजबूत बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में किया जाता है। आज हम इसी चमत्कारी जड़ी-बूटी के फायदे, उपयोग और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानेंगे। सफेद मुसली क्या है? सफेद मुसली (Chlorophytum borivilianum) एक औषधीय पौधा है जिसकी जड़ें दूधिया सफेद होती हैं। आयुर्वेद में इसे “स्वभावतः वीर्यवर्धक” माना गया है, इसलिए इसे प्राकृतिक शक्तिवर्धक जड़ी-बूटी भी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल चूर्ण, काढ़ा, दूध के साथ या आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है। सफेद मुसली का उपयोग कैसे करें? ✔ 1 चम्मच सफेद मुसली चूर्ण + गर्म दूध के साथ रात को ✔ कमजोरी में – आधा चम्मच + शहद ✔ शक्ति बढ़ाने – सुबह खाली पेट आधा चम्मच ✔ वजन बढ़ाने – दूध + घी के साथ ✔ महिला स्वास्थ्य – चूर्ण + मिश्री सफेद मुसली के फायदे 1. प्राकृतिक शक्...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - अमरुद (Guava) खाने के फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - अमरुद (Guava) खाने के फायदे अमरुद (Guava) एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है जिसे दादी माँ के घरेलू नुस्खों में हमेशा खास स्थान मिला हुआ है। आयुर्वेद व परंपरागत उपयोगों में अमरुद को पाचन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और त्वचा-स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। नीचे दादी माँ के आसान और सुरक्षित नुस्खे, उपयोग और सावधानियाँ दी गई हैं — यह सामान्य जानकारी है, चिकित्सीय सलाह नहीं। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ अक्सर ताजे अमरुद को सीधे खाने, अमरुद का शेक बनाने या अमरुद के टुकड़े चाट मसाले के साथ खाने की सलाह देती थीं। पाचन सुधारने और ताकत बढ़ाने के लिए सुबह-शाम अमरुद खाने की परंपरा पाई जाती है। कैसे उपयोग करें? सीधा फल: ताजे अमरुद के टुकड़े धोकर सीधे खाएँ — दिन में 1 फल पर्याप्त है। अमरुद शेक: 1 अमरुद + 1 कप दही + 1 छोटी चम्मच शहद — ब्लेंड कर के पिएं (शक्ति के लिए)। सालड/चाट: अमरुद के कटे टुकड़ों पर चाट मसाला या काला नमक छिड़ककर खाएँ। अमरुद का जूस: हल्का ...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - जिरा (Cumin) खाने के फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - जिरा (Cumin) खाने के फायदे दादी माँ का नुस्खा क्या है? जिरा (Cumin) एक शक्तिशाली मसाला है जो digestion, metabolism, immunity और skin health को बेहतर बनाने में दादी माँ के नुस्खों में सदियों से इस्तेमाल किया जाता है। इसमें anti-inflammatory, antioxidant और digestive गुण पाए जाते हैं। कैसे उपयोग करें? जिरा पानी (Cumin Water): रातभर 1 चम्मच जिरा भिगोकर सुबह खाली पेट पिएं। भोजन में: सब्जी, दाल, कढ़ी, रायतों में हल्का भूनकर डालें। Detox Drink: जिरा + अदरक + नींबू का पानी वजन कम करने में मदद करता है। अपच में: जिरा पाउडर + गुनगुना पानी तुरंत राहत देता है। फायदे Digestion मजबूत बनाता है Acidity और bloating कम करता है Weight Loss में मदद करता है Blood Sugar नियंत्रित रखने में सहायक Skin Glow बढ़ाता है Immunity Boost करता है सावधानियां अत्याधिक सेवन से acidity हो सकती है Pregnant women को अधिक मात्रा में न लेना Low BP वाले लोग doctor की सलाह से लें निष्कर्ष जिरा (Cumin) एक simple लेकिन powerful आयुर्वेदिक मसाला है...

Shatavari Benefits – दादी माँ का घरेलू नुस्खा और सही उपयोग

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – शेतावरी (Shatavari) खाने के चमत्कारी फायदे शतावरी (Shatavari) एक अद्भुत आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसे दादी माँ के नुस्खों में बेहद महत्व दिया जाता है। महिलाओं के स्वास्थ्य, पाचन, कमजोरी, हॉर्मोन बैलेंस और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यह जड़ी बूटी चमत्कार करती है। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ के अनुसार शतावरी पाउडर को दूध के साथ पीने से शरीर को गहरी ताकत मिलती है। यह खासतौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य, कमजोरी, थकान और हार्मोन असंतुलन को सुधारने में बहुत उपयोगी है। कैसे उपयोग करें? 1) शतावरी दूध: 1 कप गर्म दूध लें 1 चम्मच शतावरी पाउडर डालें हल्का सा मिलाएँ और रात में पिएँ 2) ऊर्जा बढ़ाने के लिए: 1 चम्मच शहद में आधा चम्मच शतावरी पाउडर सुबह खाली पेट लें 3) मासिक धर्म/हॉर्मोन बैलेंस: रोज रात में 1 चम्मच शतावरी पाउडर दूध के साथ फायदे महिलाओं के हॉर्मोन को प्राकृतिक रूप से संतुलित करता है गर्भधारण क्षमता बढ़ाने में मदद करता है पाचन सुधारता है और गैस-अपच कम करता है शरीर में ताकत बढ़ात...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – जामुन (Jamun) खाने के फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – जामुन (Jamun) खाने के फायदे जामुन (Jamun) क्या है? जामुन, जिसे इंग्लिश में Jamun या Black Plum कहा जाता है, एक औषधीय और पोषक तत्वों से भरपूर फल है। यह शरीर को ठंडक देता है, पाचन मजबूत करता है और डायबिटीज के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। कैसे उपयोग करें? सुबह खाली पेट 5–10 जामुन खाएं। जामुन के बीज का चूर्ण आधा चम्मच पानी के साथ लें। जामुन का रस सुबह नाश्ते से पहले पी सकते हैं। डायबिटीज रोगी बीज का चूर्ण नियमित उपयोग कर सकते हैं। फायदे शुगर लेवल नैचुरली कंट्रोल करता है। पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है। खून को शुद्ध कर त्वचा को साफ करता है। वजन घटाने में मदद करता है। लिवर को मजबूत और एक्टिव बनाता है। हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। सावधानियां अधिक मात्रा में न खाएं — कब्ज की समस्या हो सकती है। जामुन खाने के बाद दूध न पिएं। गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह से उपयोग करें। थायराइड वाले लोग विशेषज्ञ से पूछकर ही सेवन करें। निष्कर्ष जामुन (Jamun) एक बेहतरीन आयुर्वेदिक फल है जो शुगर कंट्रो...

अंजीर खाने के जबरदस्त फायदे | दादी माँ का खास आयुर्वेदिक नुस्खा

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – अंजीर खाने के फायदे अंजीर (Figs) एक बेहद पोषक और लाभकारी फल माना जाता है। दादी माँ के नुस्खों में अंजीर का उपयोग पाचन सुधारने, खून बढ़ाने और कमजोरी दूर करने के लिए सदियों से किया जाता रहा है। इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ के अनुसार अंजीर सूखे और भिगोए हुए दोनों रूप में अत्यंत लाभदायक होते हैं। इसे सुबह खाली पेट या रात में भिगोकर खाने से शरीर की ऊर्जा बढ़ती है, पाचन बेहतर होता है और खून की कमी दूर करने में मदद मिलती है। कैसे उपयोग करें? ✔ 2–3 सूखे अंजीर रात में पानी में भिगोकर सुबह खाएं। ✔ अंजीर को दूध के साथ उबालकर पीने से कमजोरी दूर होती है। ✔ कब्ज की समस्या में भिगोया हुआ अंजीर बहुत फायदेमंद है। ✔ सुबह के नाश्ते में अंजीर शामिल करने से दिनभर ऊर्जा मिलती है। फायदे ✔ पाचन तंत्र को मजबूत करता है ✔ कब्ज दूर करता है ✔ खून की कमी में फायदेमंद ✔ हड्डियों को मजबूत बनाता है ✔ शरीर की कमजोरी और थकान...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - निंबू के चमत्कारी फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा — निंबू के फायदे निंबू (Lemon) रसोई का एक सामान्य फल है, पर दादी माँ के नुस्खों में इसका महत्व हमेशा से खास रहा है। यह पाचन, त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए उपयोग में लिया जाता रहा है। निंबू क्या है? निंबू एक खट्टा फल है जिसमें विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और साइट्रिक एसिड पाया जाता है। आयुर्वेद में इसे शरीर को शुद्ध करने वाला माना गया है। दादी माँ का नुस्खा क्या है? सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में आधा निंबू निचोड़कर पिएं। खाने में निंबू रस और थोड़ा काला नमक मिलाकर उपयोग करें। कैसे उपयोग करें? निंबू पानी: सुबह 1 गिलास गुनगुना पानी + आधा निंबू। निंबू + शहद: ऊर्जा और ताजगी के लिए हल्का पेय। खाने में: सलाद, चाट और सब्जियों में स्वाद बढ़ाने के लिए। त्वचा पर: हल्का लेप — लेकिन पैच टेस्ट जरूर करें। फायदे पाचन में सहायक रोग प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट करता है त्वचा को साफ व ग्लोइंग बनाता है शरीर से टॉक्सिन बाहर निकाल...

“ थकान और कमजोरी दूर करने के दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे”

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  थकान और कमजोरी का घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खा – दादी माँ का उपाय थकान, कमजोरी और शरीर में ऊर्जा की कमी आजकल बहुत आम समस्या है। दादी माँ के अनुसार कुछ आसान और प्राकृतिक आयुर्वेदिक नुस्खे शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं, पाचन ठीक करते हैं और कमजोरी को दूर करते हैं। यह नुस्खा पूरी तरह घर में बनने वाले सामान से तैयार होता है। दादी माँ का यह नुस्खा क्या है? यह नुस्खा तीन चीज़ों से बनता है: सौंफ + मिश्री + देशी घी । दादी माँ इसे “ऊर्जा बढ़ाने वाला टॉनिक” कहती थीं। यह तुरंत ताकत देता है, पेट ठीक रखता है और थकान दूर करता है। कैसे उपयोग करें? 1 चम्मच सौंफ – पाचन ठीक करके शरीर को हल्का बनाती है। ½ चम्मच मिश्री – तुरंत एनर्जी देती है। 1 चम्मच घी – कमजोरी दूर करके शक्ति बढ़ाता है। ✔ इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट या शाम को थकान होने पर लें। ✔ चाहें तो इसे गुनगुने दूध में मिलाकर भी पी सकते हैं। फायदे तुरंत ऊर्जा देता है: शरीर में स्फूर्ति और ताकत बढ़ती है। पाचन शक्ति बढ़ाता है: गैस, एसिडिटी और भारीपन कम करता है। कमजोरी दूर: कमजोरी, चक्कर, थकान मे...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – दालचिनी के फायदे

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  दालचीनी के फायदे दादी माँ के नुस्खे दालचीनी एक सुगंधित मसाला है जिसे दादी माँ के नुस्खों में विशेष महत्व दिया जाता है। इसका उपयोग न केवल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए होता है बल्कि यह शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान और रोगों से दूर रखने में भी मदद करता है। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ के अनुसार दालचीनी शरीर की गर्मी बढ़ाती है, पाचन को मजबूत करती है और शरीर में जमा पुराने विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है। इसे रोजमर्रा के उपयोग में शामिल करने से अनेक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। कैसे उपयोग करें? 1. दालचीनी पानी: एक गिलास पानी में 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी डालकर उबालें और सुबह खाली पेट पिएं। 2. दालचीनी चाय: चाय बनाते समय आधा छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर डालें। 3. शहद + दालचीनी: एक चम्मच शहद में एक चुटकी दालचीनी मिलाकर सेवन करें। 4. दूध में दालचीनी: रात को गर्म दूध में दालचीनी मिलाकर पीने से नींद अच्छी आती है। फायदे पाचन शक्ति बढ़ाता है वजन कम करने में सहायक ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद सर्दी-खांसी में लाभ सूजन और दर्द कम ...

“दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – सौंफ के फायदे”

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  सौंफ के फायदे – दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा सौंफ (Fennel Seeds) भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण मसाला है, जिसे दादी माँ ने हमेशा पाचन, गैस, और कई घरेलू बीमारियों के इलाज में उपयोग किया है। आयुर्वेद में सौंफ को एक शीतल, सौम्य और पाचन शक्ति बढ़ाने वाला बीज माना जाता है। यह शरीर में ठंडक पहुँचाते हुए समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। सौंफ क्या है? सौंफ एक सुगंधित बीज है, जो पाचन सुधारने, आँखों को ठंडक देने और शरीर की गर्मी कम करने में सहायक होती है। इसमें विटामिन सी, फाइबर, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर पाए जाते हैं। सौंफ का नुस्खा क्या है? दादी माँ के अनुसार सबसे आसान और उपयोगी नुस्खा है: ✔ रात को सोने से पहले 1 चम्मच सौंफ गुनगुने पानी के साथ लें। ✔ या सुबह खाली पेट सौंफ पानी पीएं (1 गिलास पानी में 1 चम्मच सौंफ भिगोकर रातभर रखें)। कैसे उपयोग करें? आप सौंफ को कई तरीकों से उपयोग कर सकते हैं: सौंफ पानी: रात में 1 चम्मच सौंफ भिगोकर सुबह छानकर पीएं। सौंफ चाय: 1 कप पानी में 1 चम्मच सौंफ उबालकर छानकर पीएं। सौंफ पाउडर: भोजन के बाद ½ चम्मच सौंफ चूर्ण ...

दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा: कालौंजी (Kalonji) के चमत्कारी फायदे

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  दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा – कलौंजी के फायदे कलौंजी (Nigella Seeds) आयुर्वेद में एक अत्यंत लोकप्रिय औषधीय बीज है। दादी माँ पुराने समय से इसे रोज़मर्रा की छोटी-बड़ी बीमारियों के घरेलू इलाज के रूप में इस्तेमाल करती आई हैं। इसे सेहत की चाबी भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर की संपूर्ण सेहत को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाती है। दादी माँ का नुस्खा क्या है? दादी माँ के अनुसार रोज सुबह खाली पेट आधा चम्मच कलौंजी गुनगुने पानी या शहद के साथ लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कई बीमारियों से बचाव होता है। कलौंजी का उपयोग कैसे करें? सुबह खाली पेट आधा चम्मच कलौंजी गुनगुने पानी के साथ लें। कलौंजी को शहद में मिलाकर चाट सकते हैं। भुनी हुई कलौंजी सब्ज़ी या सलाद में मिलाकर सेवन करें। कलौंजी का तेल बालों और त्वचा पर लगाने में उपयोग करें। कलौंजी के प्रमुख फायदे 1) इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक कलौंजी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर सर्दी-खांसी, जुकाम और संक्रमण से बचाती है। 2) पाचन तंत्र मजबूत बनाती है यह गैस, अपच, कब्ज और पेट दर्द जैसी समस्याओं में...