लवंग (Clove) खाने के फायदे
दादी माँ का आयुर्वेदिक
नुस्खा: लवंग (लौंग) – रसोई
का वह छोटा सा सिपाही जो
है बीमारियों का काल
प्रस्तावना: एक छोटा मसाला, अनगिनत गुण
भारतीय रसोई में मसालों का स्थान केवल स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हमारे घर के "प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स" (First-Aid Box) का हिस्सा रहे हैं। इन मसालों में सबसे प्रमुख और शक्तिशाली औषधियों में से एक है— लवंग (Clove), जिसे हम सामान्य भाषा में लौंग कहते हैं।
दादी माँ के बटुए में अक्सर एक-दो लौंग दबी रहती थी। कभी दांत में दर्द हुआ तो लौंग दबा ली, कभी खांसी हुई तो भुनी हुई लौंग चूस ली। लौंग का वानस्पतिक नाम Syzygium aromaticum है। आयुर्वेद में इसे केवल एक मसाला नहीं, बल्कि एक 'दिव्य औषधि' माना गया है।
1. आयुर्वेद की दृष्टि में लवंग (Ayurvedic Perspective)
- रस (स्वाद): तिक्त (कड़वा) और कटु (तीखा)
- गुण: लघु और स्निग्ध
- वीर्य: शीत (अधिक मात्रा में उष्ण प्रभाव)
- विपाक: कटु
- दोष प्रभाव: कफ और पित्त संतुलित, वात में भी सहायक
2. लौंग का पोषण विज्ञान (Nutritional Science)
- मैंगनीज
- विटामिन K
- फाइबर
- यूजेनॉल (Eugenol)
- एंटीऑक्सीडेंट्स
3. लवंग के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits)
क. दांतों के दर्द और मुख स्वास्थ्य
- दांत दर्द में तुरंत राहत
- मसूड़ों की सूजन कम
- मुंह की दुर्गंध दूर
ख. पाचन तंत्र के लिए वरदान
- गैस और पेट फूलना कम करता है
- उल्टी और जी मिचलाने में लाभ
- पेट के कीड़े नष्ट करने में सहायक
ग. श्वसन प्रणाली में राहत
- कफ कम करता है
- अस्थमा और ब्रोंकाइटिस में सहायक
घ. इम्युनिटी बढ़ाना
लौंग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है और संक्रमण से बचाती है।
च. रक्त शर्करा नियंत्रण
लौंग इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
छ. हड्डियों की मजबूती
मैंगनीज हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
ज. लीवर की सुरक्षा
एंटीऑक्सीडेंट्स लीवर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।
4. दादी माँ के सिद्ध घरेलू नुस्खे
1. भुनी हुई लौंग और शहद: खांसी में लाभकारी।
2. लौंग का पानी: डिटॉक्स और मेटाबॉलिज्म के लिए।
3. लौंग की चाय: तनाव और सिरदर्द में आराम।
4. लौंग तेल और नारियल तेल: जोड़ों के दर्द के लिए।
5. त्वचा और बालों के लिए लौंग
- मुंहासों में उपयोगी (पैच टेस्ट जरूरी)
- बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है
6. पुरुषों और महिलाओं के लिए विशेष लाभ
- पुरुषों के लिए: शक्ति वर्धक माना जाता है
- महिलाओं के लिए: मासिक धर्म दर्द में राहत
7. सावधानी और दुष्प्रभाव
- अधिक सेवन से जलन या एसिडिटी
- खून पतला करने वाली दवा लेने वाले सावधानी रखें
- गर्भावस्था में सीमित मात्रा
- लौंग तेल को हमेशा मिलाकर ही उपयोग करें
सही मात्रा: दिन में 2–3 लौंग पर्याप्त।
8. असली और नकली लौंग की पहचान
एक गिलास पानी में लौंग डालें। यदि लौंग सीधी खड़ी हो जाए या डूब जाए तो असली है। ऊपर तैरने वाली लौंग का तेल निकाला जा चुका हो सकता है।
9. आधुनिक जीवनशैली में लौंग का महत्व
लौंग जैसे एंटीऑक्सीडेंट मसाले शरीर की रक्षा करते हैं और स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं।
निष्कर्ष
लवंग यानी लौंग केवल एक मसाला नहीं बल्कि आयुर्वेदिक औषधि है। इसे सही मात्रा में अपनी दिनचर्या में शामिल करने से स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
✍️ लेखक : N. S. Kale
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

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