अलसी(Flaxseeds) और मधुमेह (Diabetes) | ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए आयुर्वेदिक नुस्खा
दादी माँ का आयुर्वेदिक
नुस्खा
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अलसी (Flax Seeds)
और मधुमेह (Diabetes)
दादी माँ का नुस्खा क्या है?
अलसी, जिसे अंग्रेज़ी में Flax Seeds कहा जाता है, आयुर्वेद की एक बहुत ही गुणकारी बीज है। दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में अलसी का उपयोग मधुमेह (डायबिटीज), पाचन समस्या और जोड़ों के दर्द में किया जाता रहा है। आयुर्वेद मानता है कि सही मात्रा और सही तरीके से अलसी का सेवन करने से ब्लड शुगर को संतुलन में रखने में मदद मिल सकती है।
अलसी का उपयोग कैसे करें?
- अलसी को हल्का भूनकर पीस लें
- रोज 1 चम्मच अलसी पाउडर का सेवन करें
- गुनगुने पानी या दही के साथ लेना बेहतर होता है
- सलाद या सब्जी पर छिड़क कर भी खा सकते हैं
मधुमेह में अलसी के फायदे
- ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक
- इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद
- पाचन तंत्र को मजबूत करता है
- वजन नियंत्रण में सहायक, जो मधुमेह में जरूरी है
- खराब कोलेस्ट्रॉल कम करता है
- दिल की सेहत के लिए फायदेमंद
अलसी सेवन में सावधानियां
- दिन में 1–2 चम्मच से ज्यादा अलसी न लें
- कच्ची अलसी ज्यादा मात्रा में न खाएं
- अलसी के साथ पर्याप्त पानी पिएं
- मधुमेह की दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से सलाह लें
निष्कर्ष
अलसी (Flax Seeds) एक प्राकृतिक और सस्ता आयुर्वेदिक उपाय है, जो मधुमेह (Diabetes) में सहायक हो सकता है। हालांकि यह कोई दवा नहीं है, लेकिन सही मात्रा और सही समय पर सेवन करने से ब्लड शुगर संतुलन में रखने में मदद मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या मधुमेह में अलसी खा सकते हैं?
हाँ, सीमित मात्रा में अलसी का सेवन मधुमेह में फायदेमंद हो सकता है।
अलसी खाने का सही समय क्या है?
सुबह खाली पेट या भोजन के बाद अलसी खाना बेहतर माना जाता है।
क्या अलसी ब्लड शुगर बढ़ाती है?
नहीं, सही मात्रा में अलसी ब्लड शुगर बढ़ाने के बजाय उसे नियंत्रित करने में मदद करती है।
लेखक: N. S. Kale

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