दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा - ठंड से बचने का सबसे असरदार तरीका
दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा –
ठंड से बचने का सबसे असरदार तरीका
सर्दियों में शरीर को गर्म रखना, प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाना और बीमारियों से बचना बहुत जरूरी होता है। दादी माँ के घरेलू नुस्खे ठंड से बचाव के लिए बेहद असरदार माने जाते हैं। यह पोस्ट उसी पारंपरिक ज्ञान पर आधारित है।
दादी माँ का यह नुस्खा क्या है?
ठंड से बचने के लिए दादी माँ हमेशा ऐसे घरेलू और प्राकृतिक उपाय बताती थीं, जो शरीर की गर्मी बढ़ाते हैं, खून का संचार सुधारते हैं और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इन नुस्खों का कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता और इन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपनाया जा सकता है।
कैसे उपयोग करें?
१. अदरक और गुड़ का काढ़ा
- एक कप पानी में अदरक, तुलसी और काली मिर्च उबालें।
- आंच से उतारकर इसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाएँ।
- रोज रात को सोने से पहले पिएँ।
२. सरसों के तेल की मालिश
- सरसों के तेल को हल्का गुनगुना करें।
- पैरों, हथेलियों, छाती और पीठ पर मालिश करें।
- यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है।
३. हर्बल चाय
- तुलसी, दालचीनी, लौंग, अदरक उबालकर चाय पिएं।
- यह गले को गर्म रखती है और सर्दी-जुकाम से बचाती है।
४. गर्म पानी में भाप
- दिन में एक बार अदरक या पुदीना मिलाकर भाप लें।
- नाक, गला और फेफड़ों को राहत मिलती है।
५. सूखे मेवे
- बादाम, अखरोट, किशमिश गर्म तासीर वाले होते हैं।
- रोज एक मुट्ठी खाएं।
फायदे
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
- ठंड लगने, खांसी और जुकाम की संभावना कम होती है।
- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
- शरीर में गर्माहट बनी रहती है।
- सांस से संबंधित समस्याएँ कम होती हैं।
सावधानियां
- काढ़ा या अदरक की मात्रा अधिक न लें।
- शुगर वाले लोग गुड़ कम इस्तेमाल करें।
- छोटे बच्चों को भाप बहुत गरम न दें।
- अगर शरीर बहुत गर्म तासीर वाला है, तो दालचीनी कम उपयोग करें।
निष्कर्ष
ठंड से बचने का सबसे आसान और प्राकृतिक तरीका है—दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे। ये उपाय सर्दियों में शरीर को गर्म रखते हैं और सेहत को सुरक्षित बनाते हैं। थोड़ा-सा ध्यान और सही खान-पान अपनाकर पूरी सर्दी बिना बीमारी के बिताई जा सकती है।
FAQ
1. ठंड से तुरंत राहत कैसे मिले?
अदरक-गुड़ का काढ़ा या हर्बल चाय पीने से तुरंत राहत महसूस होती है।
2. क्या बच्चों को भी ये नुस्खे दिए जा सकते हैं?
हाँ, लेकिन बहुत हल्की मात्रा में और बिना तीखे मसाले के।
3. किस समय काढ़ा पीना सबसे अच्छा रहता है?
शाम या रात को सोने से पहले पीना सबसे असरदार होता है।
लेखक : N. S. Kale

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
आयुर्वेद से जुडे सवाल हों तो नीचे कमेंट करें!