अलसी(Flaxseed) खाने का सही समय | दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा

Infographic showing the best time to consume flaxseed, with morning for digestion and weight loss, afternoon for joint pain and inflammation, and night for constipation as part of ayurvedic home remedies.

 

अलसी (Flaxseed) खाने

का सही समय और तरीका

प्रस्तावना

भारतीय रसोई और आयुर्वेद का गहरा नाता रहा है। हमारी दादी-नानी के बटुए में हर बीमारी का इलाज छिपा होता था। उन्हीं औषधियों में से एक बहुमूल्य रत्न है—अलसी (Flaxseed)। जिसे प्राचीन काल में 'तीसी' के नाम से भी जाना जाता था, आज दुनिया इसे 'सुपरफूड' के रूप में पहचान रही है।

आयुर्वेद में अलसी को केवल एक बीज नहीं, बल्कि एक 'रसायन' माना गया है जो शरीर को नया जीवन देने की क्षमता रखता है। लेकिन अलसी का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही समय और सही तरीके से खाया जाए।

अलसी का पोषण प्रोफाइल (Nutritional Value)

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड: हृदय और मस्तिष्क के लिए लाभकारी।
  • लिग्नन्स: शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण।
  • फाइबर: पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

इसके अलावा विटामिन B1, मैग्नीशियम, फास्फोरस और सेलेनियम भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

आयुर्वेद की दृष्टि में अलसी

  • वात दोष: वात को संतुलित करने में सहायक।
  • पित्त दोष: गर्म तासीर होने से सीमित मात्रा में सेवन करें।
  • कफ दोष: अतिरिक्त कफ कम करने में मददगार।

अलसी खाने का सही समय (Best Time to Eat)

1. सुबह खाली पेट

  • 1 चम्मच भुनी हुई अलसी का पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें।
  • मेटाबॉलिज्म तेज करता है और डिटॉक्स में मदद करता है।

2. रात को सोने से पहले

  • आधा चम्मच अलसी पाउडर दूध या गुनगुने पानी के साथ लें।
  • कब्ज और नींद की समस्या में लाभकारी।

3. भोजन के साथ

  • दही, छाछ या सलाद में मिलाकर खाएं।
  • लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है।

अलसी खाने का सही तरीका

दादी माँ का नियम: “भूनो और पीसो”

  • अलसी को धीमी आंच पर हल्का भूनें।
  • ठंडा करके दरदरा पीस लें।
  • 1 सप्ताह से ज्यादा स्टॉक न रखें।

अलसी के स्वास्थ्य लाभ

  • हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण
  • ब्लड शुगर संतुलन
  • हार्मोन बैलेंस और PCOS में सहायक
  • त्वचा और बालों के लिए लाभकारी
  • जोड़ों के दर्द में राहत

दादी माँ के खास नुस्खे

  • अलसी और दही का रायता
  • सर्दियों में अलसी के लड्डू
  • सूखी खांसी में अलसी का काढ़ा

सावधानियां

  • गर्भवती महिलाएं अधिक सेवन से बचें।
  • पर्याप्त पानी जरूर पिएं।
  • Blood thinner लेने वाले डॉक्टर की सलाह लें।
  • दिन में 1-2 चम्मच से अधिक न लें।

निष्कर्ष

अलसी प्रकृति का अनमोल उपहार है। सही मात्रा और सही समय पर सेवन करने से यह शरीर को मजबूत बनाती है और कई रोगों से बचाव करती है। आयुर्वेद के अनुसार—“अति सर्वत्र वर्जयेत”, इसलिए संतुलन बनाए रखें और नियमित रूप से अलसी को अपने आहार में शामिल करें।

✍️ लेखक : N. S. Kale

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी नई चीज का सेवन शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

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