Shatavari Benefits – दादी माँ का घरेलू नुस्खा और सही उपयोग

Shatavari powder in a wooden bowl with dried shatavari roots – Ayurvedic herb for women’s health, immunity and hormonal balance.

 

शतावरी के फायदे: दादी माँ

का आयुर्वेदिक नुस्खा

आयुर्वेद में एक ऐसी जड़ी-बूटी है जिसे "जड़ी-बूटियों की रानी" कहा जाता है। इसका नाम है शतावरी (Shatavari)। इसका वानस्पतिक नाम 'Asparagus racemosus' है। शतावरी शब्द का अर्थ होता है "सौ बीमारियों को दूर करने वाली"। भारतीय घरों में दादी-नानी के नुस्खों में शतावरी का खास स्थान रहा है।

1. शतावरी क्या है? (What is Shatavari?)

शतावरी एक बेलनुमा पौधा है जिसकी जड़ें गुच्छों में होती हैं। आयुर्वेद के अनुसार इसकी तासीर ठंडी होती है और यह वात व पित्त दोष को शांत करती है। इसमें सैपोनिन्स, फ्लेवोनोइड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

2. महिलाओं के लिए शतावरी: एक वरदान

(i) प्रजनन क्षमता और हार्मोनल संतुलन

शतावरी एस्ट्रोजन हार्मोन को संतुलित करने में मदद करती है और PCOD जैसी समस्याओं में सहायक मानी जाती है।

  • दादी माँ का नुस्खा: 5 ग्राम शतावरी चूर्ण दूध के साथ लें।

(ii) स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए

शतावरी प्रोलैक्टिन हार्मोन को बढ़ाकर दूध के उत्पादन में मदद करती है।

(iii) मासिक धर्म की समस्याएँ

पीरियड्स के दर्द और अनियमितता में शतावरी लाभकारी मानी जाती है।

(iv) रजोनिवृत्ति (Menopause)

हॉट फ्लैशेस और चिड़चिड़ापन कम करने में शतावरी के शीतल गुण सहायक होते हैं।

3. पुरुषों के लिए शतावरी के लाभ

  • शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या बढ़ाने में मदद
  • यौन शक्ति और स्टेमिना बढ़ाना
  • तनाव और थकान कम करना

4. पाचन तंत्र और पेट के रोगों में लाभ

  • गैस्ट्रिक अल्सर: पेट की जलन को शांत करती है।
  • एसिडिटी: शतावरी चूर्ण और मिश्री दूध के साथ लें।
  • अतिसार: एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण को रोकते हैं।

5. मानसिक स्वास्थ्य और तनाव

शतावरी एक Adaptogen जड़ी-बूटी है जो तनाव हार्मोन कोर्टिसोल को संतुलित करती है और नींद बेहतर बनाती है।

6. त्वचा और बालों के लिए फायदे

  • एंटी-एजिंग गुण त्वचा को चमकदार बनाते हैं।
  • बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर झड़ना कम करती है।

7. दादी माँ के घरेलू नुस्खे

  • शतावरी + अश्वगंधा + मिश्री दूध के साथ
  • सूखी खाँसी में शहद के साथ शतावरी चूर्ण
  • आँखों की रोशनी के लिए घी के साथ सेवन
  • पेशाब में जलन के लिए शतावरी रस दूध में मिलाकर

8. शतावरी का सही उपयोग कैसे करें?

  • शतावरी चूर्ण: 3 से 6 ग्राम दिन में दो बार
  • टैबलेट/कैप्सूल: 500mg सुबह-शाम
  • शतावरी कल्प: स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए
  • लेने का समय: रात को दूध के साथ

9. वैज्ञानिक दृष्टिकोण

शोध बताते हैं कि शतावरी में मौजूद Saponins इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

10. सावधानी और साइड इफेक्ट्स

  • एलर्जी होने पर सेवन न करें
  • किडनी या हृदय रोग में डॉक्टर की सलाह लें
  • कफ प्रकृति वालों को सीमित मात्रा में लेना चाहिए

11. FAQs

प्रश्न: क्या पुरुष शतावरी ले सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यह पुरुषों के लिए भी लाभकारी है।

प्रश्न: असर कब दिखता है?
उत्तर: 4-6 सप्ताह में प्रभाव दिख सकता है।

12. निष्कर्ष

शतावरी एक प्राकृतिक हेल्थ टॉनिक है जो महिलाओं और पुरुषों दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। सही मात्रा और सही तरीके से इसका सेवन करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।

इस लेख की मुख्य बातें (Quick Summary)

  • हार्मोन संतुलन के लिए लाभकारी
  • शारीरिक शक्ति और स्टेमिना बढ़ाती है
  • एसिडिटी और पाचन में सहायक
  • गुनगुने दूध के साथ सेवन सर्वोत्तम
  • मानसिक शांति और अच्छी नींद के लिए उपयोगी

✍️ लेखक : N. S. Kale

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी जड़ी-बूटी का सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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