दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा: बवासीर में निंबू और सैंधव नमक का घरेलू उपचार
दादी माँ का आयुर्वेदिक
नुस्खा: बवासीर (Piles) में
नींबू और सेंधा नमक का
रामबाण उपचार
प्रस्तावना
आधुनिक जीवनशैली, भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान की गलत आदतों ने मानव शरीर को कई बीमारियों का घर बना दिया है। इन्हीं समस्याओं में से एक सबसे कष्टदायक और असहज करने वाली बीमारी है— बवासीर, जिसे आयुर्वेद में अर्श (Arsha) और अंग्रेजी में Piles कहा जाता है।
बवासीर केवल एक शारीरिक व्याधि नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती है। लोग अक्सर शर्मिंदगी के कारण इस पर चर्चा नहीं करते, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है। आयुर्वेद में दादी माँ के नुस्खे सदियों से आजमाए हुए और प्रभावी माने जाते हैं। इन्हीं में से एक प्रभावशाली उपाय है — नींबू और सेंधा नमक का प्रयोग।
बवासीर को समझना: कारण और लक्षण
बवासीर क्या है?
बवासीर मलाशय (Rectum) के निचले हिस्से और गुदा (Anus) की नसों में होने वाली सूजन है। जब इन नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, तो दर्द, खुजली और रक्तस्राव होने लगता है।
बवासीर के प्रकार
- खूनी बवासीर (Bleeding Piles): मल त्याग के समय खून आता है, दर्द कम होता है।
- बादी बवासीर (Non-Bleeding Piles): मस्से बनते हैं, तेज दर्द, जलन और खुजली होती है।
बवासीर के मुख्य कारण
- पुरानी कब्ज
- कम फाइबर वाला भोजन
- मोटापा
- गर्भावस्था
- लंबे समय तक बैठना
नींबू और सेंधा नमक: आयुर्वेदिक महत्व
नींबू (Lemon) के गुण
- रक्त वाहिकाओं को मजबूत करता है
- पाचन सुधारता है
- कब्ज में राहत देता है
सेंधा नमक (Rock Salt) के गुण
- शीतल प्रभाव
- वात-पित्त संतुलन
- सूजन कम करता है
दादी माँ का नुस्खा: प्रयोग विधि
विधि 1: नींबू और ठंडा दूध (खूनी बवासीर)
- 1 कप ठंडा उबला दूध
- 1 नींबू
सुबह खाली पेट दूध में नींबू निचोड़कर तुरंत पी लें। 3–7 दिन तक प्रयोग करें।
विधि 2: नींबू और सेंधा नमक का पानी
- 1 गिलास गुनगुना पानी
- ½ नींबू
- ¼ चम्मच सेंधा नमक
सुबह खाली पेट पीने से कब्ज दूर होती है।
विधि 3: सेंधा नमक सिट्ज़ बाथ
गुनगुने पानी में 2 चम्मच सेंधा नमक मिलाकर 15–20 मिनट बैठें।
नींबू और सेंधा नमक के लाभ
- सूजन में कमी
- रक्तस्राव पर नियंत्रण
- आंतों की सफाई
- दर्द और जलन से राहत
सहायक आहार और जीवनशैली
क्या खाएं?
- फाइबर युक्त भोजन
- पपीता, अमरूद (बीज रहित)
- छाछ + सेंधा नमक + भुना जीरा
क्या न खाएं?
- मिर्च-मसाले
- मैदा और जंक फूड
- अधिक चाय-कॉफी
- शराब और धूम्रपान
जीवनशैली सुधार
- नियमित योग और व्यायाम
- शौच में देर न करें
- वजन नियंत्रित रखें
वैज्ञानिक आधार
नींबू में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स जैसे Diosmin और Hesperidin आधुनिक दवाओं में भी उपयोग किए जाते हैं। सेंधा नमक का ऑस्मोटिक प्रभाव सूजन कम करता है।
सावधानी और चेतावनी
- अधिक रक्तस्राव में डॉक्टर से सलाह लें
- गर्भवती महिलाएं पहले परामर्श करें
- नुस्खा सही प्रकार की बवासीर में ही अपनाएं
निष्कर्ष
नींबू और सेंधा नमक का यह दादी माँ का नुस्खा प्राकृतिक, सरल और प्रभावी उपाय है। सही आहार, पानी और जीवनशैली के साथ यह बवासीर से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है।
✍️ लेखक : N. S. Kale
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी हेतु है। किसी भी उपचार से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लें।

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