पेट साफ रखने के लिए आयुर्वेदिक उपाय: कब्ज दूर करने के आसान तरीके
पेट साफ रखने के लिए
आयुर्वेदिक उपाय: कब्ज दूर
करने के आसान और प्रभावी
तरीके
प्रस्तावना
आयुर्वेद में एक बहुत पुरानी और सटीक कहावत है— "सर्वे रोगाः अपि मंदाग्नौ" अर्थात सभी रोगों की जड़ 'मंदाग्नि' (धीमी पाचन अग्नि) है। यदि आपका पेट साफ नहीं रहता और आप कब्ज से परेशान हैं, तो यह केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर में विषाक्त पदार्थों (Toxins या 'आम') के जमा होने का संकेत है। आधुनिक जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड, तनाव और शारीरिक सक्रियता की कमी ने कब्ज को एक वैश्विक समस्या बना दिया है।
आयुर्वेद के अनुसार, कब्ज मुख्य रूप से शरीर में 'वात दोष' के असंतुलन के कारण होता है। जब शरीर में वात बढ़ जाता है, तो यह आंतों में सूखापन पैदा करता है, जिससे मल सख्त हो जाता है और त्यागने में कठिनाई होती है।
1. आयुर्वेद के अनुसार कब्ज के कारण (Root Causes)
- असंतुलित आहार: सूखा, ठंडा, जंक फूड और मैदा आंतों को कमजोर करते हैं।
- पानी की कमी: जल तत्व कम होने से मल कठोर हो जाता है।
- वेगों को रोकना: प्राकृतिक वेग रोकना कब्ज का बड़ा कारण है।
- अनियमित दिनचर्या: देर रात जागना और समय पर न खाना।
- मानसिक तनाव: चिंता जठराग्नि को कमजोर करती है।
2. पेट साफ करने के अचूक आयुर्वेदिक उपाय
(क) त्रिफला चूर्ण
त्रिफला तीन फलों—आंवला, बहेड़ा और हरड़—का मिश्रण है। रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। यह पेट साफ करने के साथ त्वचा और आंखों के लिए भी लाभकारी है।
(ख) घी और गर्म दूध
एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच शुद्ध देसी घी मिलाकर रात को पीने से आंतों को चिकनाई मिलती है और मल आसानी से निकलता है।
(ग) इसबगोल
1-2 चम्मच इसबगोल दही या गर्म दूध के साथ लें। इसके साथ पर्याप्त पानी जरूर पिएं।
(घ) अरंडी का तेल
तीव्र कब्ज में आधा से एक चम्मच अरंडी का तेल गर्म दूध में मिलाकर लिया जा सकता है। गर्भवती महिलाएं बिना सलाह के उपयोग न करें।
(ङ) मुनक्का और अंजीर
5-6 मुनक्का और 2 अंजीर रातभर भिगोकर सुबह खाने से आंतों की सक्रियता बढ़ती है।
3. रसोई के मसाले: पाचन के सिपाही
- अजवाइन और काला नमक गुनगुने पानी के साथ लें।
- भोजन के बाद सौंफ चबाएं या सौंफ का पानी पिएं।
- भोजन से पहले अदरक, नींबू और काला नमक लें।
4. आहार संबंधी नियम
- फाइबर युक्त भोजन: हरी सब्जियां, पपीता, अमरूद, सेब।
- ताजा और गरम भोजन: बासी भोजन से बचें।
- विरुद्ध आहार से बचें: दूध और खट्टे फल साथ न लें।
- पर्याप्त पानी: 8-10 गिलास पानी पिएं।
5. योग और प्राणायाम
- वज्रासन – भोजन के बाद 5-10 मिनट।
- पवनमुक्तासन – गैस और कब्ज से राहत।
- मलासन – प्राकृतिक मुद्रा।
- कपालभाति प्राणायाम – पाचन शक्ति बढ़ाता है।
6. जीवनशैली में बदलाव (Dinacharya)
- भोजन का समय निश्चित रखें।
- भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं।
- पर्याप्त नींद लें।
- ध्यान और प्राणायाम से तनाव कम करें।
7. सुबह पेट साफ करने का गोल्डन रूटीन
- सुबह उठकर 2-3 गिलास गुनगुना पानी पिएं।
- नाभि के आसपास तेल से मालिश करें।
- थोड़ा टहलें या मलासन करें।
- हर दिन एक ही समय शौचालय जाएं।
8. कब सावधान होना जरूरी है?
- मल के साथ खून आना।
- अचानक वजन कम होना।
- अत्यधिक पेट दर्द।
- कई दिनों तक पेट साफ न होना।
9. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: क्या रोज त्रिफला ले सकते हैं?
उत्तर: हाँ, लेकिन 3-4 महीने बाद कुछ दिनों का ब्रेक लें।
प्रश्न: क्या गर्भावस्था में ये उपाय सुरक्षित हैं?
उत्तर: मुनक्का और घी वाला दूध सुरक्षित है, लेकिन अरंडी का तेल बिना सलाह न लें।
प्रश्न: क्या ज्यादा चाय-कॉफी से कब्ज होता है?
उत्तर: हाँ, कैफीन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है।
10. निष्कर्ष
पेट का साफ न होना केवल असुविधा नहीं बल्कि शरीर का संकेत है। आयुर्वेदिक उपाय जड़ पर काम करते हैं। सही आहार, योग और त्रिफला या घी जैसे सरल घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप कब्ज से मुक्ति पा सकते हैं।
✍️ लेखक : N. S. Kale
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी औषधि का नियमित सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें।

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