“ थकान और कमजोरी दूर करने के दादी माँ के आयुर्वेदिक नुस्खे”
थकान और कमजोरी दूर
करने के दादी माँ के
आयुर्वेदिक नुस्खे: ऊर्जावान
जीवन का प्राचीन मार्ग
प्रस्तावना
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान और कमजोरी आम समस्या बन गई है। सुबह उठते ही भारीपन, थोड़े काम में सांस फूलना और दिनभर सुस्ती रहना इस बात का संकेत है कि शरीर को सही पोषण और ऊर्जा की जरूरत है। आयुर्वेद और दादी माँ के पारंपरिक नुस्खे हमें प्राकृतिक तरीके से ऊर्जा वापस पाने का मार्ग दिखाते हैं।
भाग 1: आयुर्वेद की दृष्टि में थकान और कमजोरी
- ओजस की कमी: मानसिक तनाव और गलत खान-पान से जीवन शक्ति कम होती है।
- अग्नि का मंद होना: कमजोर पाचन से ‘आम’ बनता है और ऊर्जा कम होती है।
- वात दोष का असंतुलन: शरीर में सूखापन और बेचैनी बढ़ाकर थकान पैदा करता है।
भाग 2: ऊर्जा बढ़ाने वाले दादी माँ के अचूक नुस्खे
1. अश्वगंधा और दूध
एक गिलास गुनगुने दूध में आधा चम्मच अश्वगंधा चूर्ण और मिश्री मिलाकर रात को पिएं। यह ताकत बढ़ाता है और नींद सुधारता है।
2. भीगे हुए बादाम और अखरोट
5 बादाम और 2 अखरोट रातभर भिगोकर सुबह सेवन करें। यह मस्तिष्क और शरीर को ऊर्जा देता है।
3. खजूर और दूध
3-4 खजूर दूध में उबालकर खाने से एनीमिया दूर होता है और तुरंत ऊर्जा मिलती है।
4. सफेद मुसली और शतावरी
शतावरी या सफेद मुसली का चूर्ण दूध के साथ लेने से शरीर की धातुओं को पोषण मिलता है।
5. मुलेठी
मुलेठी की चाय या छोटा टुकड़ा चूसने से थकान और लो ब्लड प्रेशर में आराम मिलता है।
भाग 3: रसोई के मसालों से दूर करें कमजोरी
- अदरक और शहद: सुस्ती दूर करता है और पाचन सुधारता है।
- इलायची: भोजन के बाद भारीपन कम करती है।
- दालचीनी: मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर ऊर्जा देती है।
भाग 4: ऊर्जा के लिए दादी माँ के लड्डू
सामग्री: मखाना, गोंद, देसी घी, गुड़, सोंठ, कद्दू और अलसी के बीज।
विधि: मखाने और गोंद को घी में भूनकर पीस लें। गुड़ की चाशनी में मिलाकर लड्डू बनाएं।
लाभ: रोज एक लड्डू दूध के साथ लेने से ताकत और ऊर्जा बढ़ती है।
भाग 5: आहार और पोषण का महत्व
- सात्विक और ताज़ा भोजन करें।
- तांबे के बर्तन का पानी पिएं।
- अनार, केला और चीकू जैसे फल ऊर्जा बढ़ाते हैं।
- नारियल पानी प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट है।
भाग 6: जीवनशैली और विहार
अभ्यंग (तेल मालिश)
तिल या सरसों के तेल से सप्ताह में दो बार मालिश करें।
सही नींद
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक की नींद शरीर को पुनः ऊर्जा देती है।
प्राणायाम और योग
- अनुलोम-विलोम
- भ्रामरी प्राणायाम
- सूर्य नमस्कार
भाग 7: मानसिक थकान और तनाव
- ब्राह्मी और शंखपुष्पी मानसिक शक्ति बढ़ाते हैं।
- प्रतिदिन 10 मिनट ध्यान करें।
भाग 8: थकान के अनदेखे कारण
- खून की कमी (Anemia)
- विटामिन D और B12 की कमी
- लिवर की सुस्ती
भाग 9: ऋतुचर्या के अनुसार ऊर्जा
- गर्मी: सत्तू, बेल का जूस, आम पन्ना।
- सर्दी: गोंद के लड्डू, च्यवनप्राश।
- बरसात: काढ़ा और तुलसी की चाय।
भाग 10: आयुर्वेद के स्वर्ण नियम
- भूख लगने पर ही खाएं।
- विरुद्ध आहार से बचें।
- सूर्यास्त के बाद हल्का भोजन करें।
- सुबह तांबे के बर्तन का पानी पिएं।
भाग 11: कमजोरी दूर करने के त्वरित नुस्खे
- किशमिश का पानी
- मखाने का सेवन
- शहद और गुनगुना पानी
- अंकुरित अनाज
भाग 12: सावधानी और परामर्श
- गर्भवती महिलाएं जड़ी-बूटियों का सेवन डॉक्टर से पूछकर करें।
- डायबिटीज रोगी शहद और गुड़ में सावधानी रखें।
- लंबे समय तक थकान रहे तो चिकित्सकीय जांच कराएं।
निष्कर्ष
थकान और कमजोरी शरीर का संकेत है कि उसे आराम और पोषण चाहिए। आयुर्वेदिक नुस्खे, सही आहार और जीवनशैली अपनाकर हम अपनी ऊर्जा को फिर से जागृत कर सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
लेख का सार (Key Takeaways)
- अश्वगंधा, शतावरी और मुलेठी ऊर्जा बढ़ाने में सहायक हैं।
- भीगे बादाम और खजूर का दूध कमजोरी दूर करता है।
- योग और ध्यान मानसिक थकान कम करते हैं।
✍️ लेखक : N. S. Kale
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी गंभीर बीमारी या नया उपाय शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लें।
दालचीनी के फायदे – दादी माँ का आयुर्वेदिक नुस्खा
दालचीनी के आयुर्वेदिक फायदे, पाचन सुधार, ब्लड शुगर कंट्रोल और घरेलू नुस्खों की पूरी जानकारी पढ़ें।
👉 पूरा लेख पढ़ेंसौंफ के फायदे – पाचन और गैस के लिए आयुर्वेदिक उपाय
सौंफ पाचन सुधारने, गैस और एसिडिटी कम करने में मदद करती है। दादी माँ के आसान घरेलू नुस्खे जानें।
👉 पूरा लेख पढ़ें
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
आयुर्वेद से जुडे सवाल हों तो नीचे कमेंट करें!